बिना सोचे , समझे फैसला न ले

           
 बिना सोचे, समझे फैसला न ले

 नमस्कार दोस्तों स्वागत है आपका हमारे इस मोटिवेशन ब्लॉक के अंदर  दोस्तों उम्मीद करता हूं कि आपको हमारे मोटिवेशन चैनल पसंद आ रहा होगा आपको मैं वादा करता हूं कि बने रहिए हमारे साथ आपके लाइफ के अंदर आपने जो चीजें कभी सोची नहीं अभी देखी नहीं होगी उनके बारे में बहुत ही अच्छी अच्छी जानकारी देने में जा रहे हैं और आपको हमेशा प्रेरणात्मक सुविधाएं वह आपको बहुत ही अच्छा ज्ञान दिया जाएगा , देखिए हमारा एक कोटेशन है कि "सीखते रहो आगे बढ़ते रहो" !  दोस्तों अगर आपको भी जीवन में कुछ करना है आगे बढ़ना है तो आप भी सीखते रहिए हमारे इस ब्लॉग मोटिवेशनल ब्लॉग में।

*🌸आंखों देखा भी झूठा हो सकता है🌸*

एक संत प्रात: काल भ्रमण हेतु समुद्र के तट पर पहुंचे।

समुद्र के तट पर उन्होने एक पुरुष को देखा जो एक स्त्री की गोद में सर रख कर सोया हुआ था!

पास में शराब की खाली बोतल पड़ी हुई थी, संत बहुत दु:खी हुए।

उन्होने विचार किया कि ये मनुष्य कितना तामसिक और विलासी है,
जो प्रात:काल शराब सेवन करके स्त्री की गोद में सर रख कर प्रेमालाप कर रहा है।

थोड़ी देर बाद समुद्र से बचाओ-बचाओ की आवाज आई,

संत ने देखा एक मनुष्य समुद्र में डूब रहा है, लेकिन वे स्वयं तैरना नहीं जानने के कारण देखते रहने के अलावा कुछ नहीं कर सके।

स्त्री की गोद में सिर रख कर सोया हुआ व्यक्ति उठा और डूबने वाले को बचाने हेतु पानी में कूद गया।

थोड़ी देर में उसने डूबने वाले व्यक्ति को बचा लिया और किनारे पर ले आया।

संत विचार में पड़ गए की इस व्यक्ति को बुरा कहें या भला।

वो उसके पास गए और बोले भाई तुम कौन हो...?
 यहाँ क्या कर रहे हो…?

उस व्यक्ति ने उत्तर दिया : —

मैं एक मछुआरा हूँ, मछली मारने का काम करता हूँ,
आज कई दिनों बाद समुद्र से मछली पकड़ कर प्रात: जल्दी यहाँ लौटा हूँ।

मेरी माँ मुझे लेने के लिए आई  और साथ में (घर में कोई दूसरा बर्तन नहीं होने पर) इस मदिरा की बोतल में पानी ले आई।

कई दिनों की यात्रा से मैं थका हुआ था। और भोर के सुहावने वातावरण में ये पानी पी कर थकान कम करने के लिए माँ की गोद में सिर रख कर ऐसे ही सो गया था।

संत की आँखों में आँसू आ गए कि मैं कैसा पातक मनुष्य हूँ,
जो देखा उसके बारे में मैंने गलत विचार किया जबकि वास्तविकता कुछ और थी।

कोई भी घटना जिसे हम देखते हैं, हमेशा जैसी दिखती है वैसी नहीं होती है,
उसका एक दूसरा पहलू भी हो सकता है।

किसी के प्रति कोई निर्णय लेने से पहले सौ बार सोचें और तब फैसला करें।
             THANKS FOR BEING WITH IS
                  K.L.M.D. MOTIVATION

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