What is visualisation

                    What is visualisation
                         विजुलाइजेशन क्या है
नमस्कार दोस्तों स्वागत है आपका हमारे इस मोटिवेशन ब्लॉक के अंदर  दोस्तों उम्मीद करता हूं कि आपको हमारे मोटिवेशन चैनल पसंद आ रहा होगा आपको मैं वादा करता हूं कि बने रहिए हमारे साथ आपके लाइफ के अंदर आपने जो चीजें कभी सोची नहीं अभी देखी नहीं होगी उनके बारे में बहुत ही अच्छी अच्छी जानकारी देने में जा रहे हैं और आपको हमेशा प्रेरणात्मक सुविधाएं वह आपको बहुत ही अच्छा ज्ञान दिया जाएगा  देखिए हमारा एक कोटेशन है कि सीखते रहो आगे बढ़ते रहो दोस्तों अगर आपको भी जीवन में कुछ करना है आगे बढ़ना है तो आप भी सीख तरी हमारे इस ब्लॉग के अंदर

  विजुलाइजेशन अर्थात मनोचित्रण। हो सकता है कि विजुलाइजेशन आपको नया शब्द लगे  , परंतु इसकी कार्यप्रणाली से आप  अपरिचित नही है, सीधे सीधे तौर पर विजुलाइजेशन की परिभाषा जानने का प्रयास करते हैं
"  किसी भी वस्तु अथवा घटना का मन में चित्र तैयार करना विजुलाइजेशन कहलाता है"।
विजुलाइजेशन की यह प्रक्रिया अधिकांश तो कहां देखने को मिलती है आइए इस पर थोड़ा प्रकाश डालते हैं

1.) शिल्पकार -  कोई शिल्पकार जब उबड़ - खाबड़, आड़े - टेढ़े आकार वाले पत्थर पर नजर डालता है!  तो उसके मन में एक मूर्ति आकार लेने लगती है ! साथ ही मन में जो मूर्ति बन जाती है और इसके अनुसार शिल्पकार के साथ काम करते जाते हैं ! और अंत में यही पत्थर एक अद्भुत शिल्प के रूप में सामने आता है!  शिल्पकार के मन में इस मूर्ति के हाथ, पैर , सिर सब होते हैं , शरीर में लालित्य होता है, चेहरे पर मुस्कान होती है,  आंखों में भाव होते हैं ! शिल्पकार द्वारा अपने मन में मूर्ति रखने की प्रक्रिया ही विजुलाइजेशन है !
2.) चित्रकार -  चित्रकार के लिए विजुलाइजेशन एक अनिवार्य अंग है , कोई भी चित्र जिसे उसकी पेंसिल बडे कागज पर उतारती है। वह पहले उसके मन में रच जाता है  कैनवास पर रंगों से जो भी व्यक्ति होती है। वह पहले चित्रकार के मन में व्यस्त हो जाती है मन के  द्वारा चित्रों को रचने बनाने की प्रक्रिया ही विजुलाइजेशन है।
3.) कोरियोग्राफर -  स्टेज पर नृत्य प्रस्तुत करने से पहले उसके (कोरियोग्राफर )के मन में पूरे नित्य की सारी सिक्वेंस स्टेप्स तैयार हो जाती है ! यह नृत्य उसके मन में पहले भी अनेक बार हो चुका होता है!  नृत्य के स्टेप, लय, गति  आदि छोटी से छोटी बातें कोरियोग्राफर के मन में गहराई से उतर चुकी होती है । जो बाद में परफॉर्मेंस के रूप में स्टेज पर  की जाती है।
4.) ग्राफिक डिज़ाइनर -  आपने  अखबारों की सुंदर रंगीन पूर्ति देखी होगी या फिर पढी । से डिजाइन की गई  यह पूर्ति या अंक की सामग्री सबसे पहले उसके (डिजाइनर) के मन में आकार ले चुकी होती है  यह अंक लिखने का तरीका, अक्षर , फोटोग्राफ्स , चित्र आदि किस रंग और किस आकार के होंगे  यह सब उसके मन में स्पष्ट होता है अंक  की डिजाइन मन में तैयार करना ही विजुलाइजेशन है
5.) फ़िल्म डिरेक्टर ( निर्देशक ) -    सिनेमा हॉल में बड़े पर्दे पर हम जिस फिल्म को देख रहे हैं वह पहले उसके डायरेक्टर ने अपने मानस पटल पर कई बार देख ली होती है। फिल्म की शूटिंग करने से पहले डायरेक्टर अपने मन में फिल्म की प्रत्येक घटना दृश्य अपने मन में  तैयार कर लेता है।  फिल्म कलाकार , उनका अभिनय और के संवाद आदि डायरेक्टर के मन में पहले ही आकार ले चुके होते हैं  उसके मन में यह सभी चीजों का आकार लेना ही मानव चित्रण अर्थात विजुलाइजेशन है।
जिस तरह चित्र, शिल्प, नृत्य, डिजाइन या फिल्म किसी व्यक्ति के विजुलाइजेशन का परिणाम है।  ठीक उसी प्रकार अपनी जिंदगी भी हमारे द्वारा जाने अनजाने में किए गए विजुलाइजेशन का ही परिणाम है।  हम अभी क्या है यह हमारे पहले वाले समय में किया गया विजुलाइजेशन ही है  ।
   "समस्त ब्रह्मांड सृजनात्मक उर्जा का धधकता समुंद्र है  हम भी इसी का अंश है !   इसीलिए - सृजनात्मकता प्रत्येक व्यक्ति में होती है !"
        
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