YOU ARE UNIQUE
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आपका जीवन सबसे अच्छा है
एक बार एक गांव के अंदर संत महात्मा होकर गुजर रहे थे। वह महात्मा जी ने देखा कि एक नीम के पेड़ के ऊपर एक कौवा बहुत ही जोर से चिल्ला रहा था। अर्थात कांव-कांव कर रहा था, जिस की आवाज सुनकर उस संत महात्मा से रहा नहीं गया और उस कौवे से पूछ लिया । कि तुम्हारा इतना दुखी होने का कारण क्या है तुम अपने जीवन से इतनी दुखी क्यों हो, तो कौआ बोला मेरा क्या खाक जीवन है मेरा रंग भी काला है कोई मेरी आवाज से नहीं बिल्कुल पूरे दिन में कांव-कांव करता फिरता हूं कोई मुझे पसंद नहीं करता है तो संत महात्मा ने कहा कि कौवे तुम बताओ तुम्हारे हिसाब से किसकी जिंदगी अच्छी है अगर तुमको मौका मिले तो अगले जन्म में तुम क्या बनना चाहते हो तो कौए ने हंसकर जवाब दिया महात्मा जी क्या आपने कभी हंस देखा है, सफेद कलर है, हंस है जो समुद्र के अंदर मोती चुगता है, क्या ग़जब की ज़िंदगी जीता है। सब लोग बीच पर घूमने आते हैं तो समुद्र के अंदर उस हंस को देख कर उसके साथ सेल्फी खींचते हैं उसकी अच्छी-अच्छी फोटो निकालते हैं । मेरा तो पक्का है कि अगले जन्म में अगर मुझे मौका मिला तो मैं हंस ही बनना चाहता हूं तो महात्मा जी ने हंसकर कौवे से बोला कि चलो एक बार अपन हंस से मिलकर आते हैं कि क्या वह भी अपने जीवन से खुश है या नहीं । अब वह महात्मा जी और कौवा दोनों गए उस हंस के पास जो समुद्र के अंदर मोतीचूर रहा था जैसे ही हंस के पास पहुंचे तो कवर और महात्मा संत ने कुछ हंस से पूछा कि हंस क्या जिंदगी है तेरी लोग अच्छी अच्छी फोटो निकालते हैं तेरे साथ तेरा सफेद कलर हर आदमी पसंद करता है ,क्या तू तेरे जीवन से खुश है बोले क्या खाक अच्छा है , तेरा कलर शांति का प्रतीक है मेरा कलर अच्छा क्या खाक है साला कोई भी मेरा कलर पसंद नहीं करता है रियल में मानो तो जब लोग मर जाते हैं तब सफेद कलर के कपड़े पहनते हैं मैं शांति का प्रतीक नहीं हूं मुझे तो लोग मृत्यु के बाद बनने वाले कलर में से जानते हैं मेरा कलर सफेद समुद्र के पानी का कलर धूप के कारण सफेद हो जाता है जब लोग आते हैं तो फोटो खींचते हैं उनको भी पता नहीं चलता कि वह फोटो मेरी खींच रहे हैं या पानी की , और मैं खुद भी कंफ्यूज में रहता हूं कि क्या वह लोग समुद्र का फोटो खींचते हैं या मेरा खींचते हैं आज तक समझ नहीं आया मेरे को ऐसी जिंदगी से मुझे नालत है , तो महात्मा बोले मतलब आप समझ गए होंगे कि तुम तुम्हारे जीवन से बिल्कुल भी खुश नहीं हो , तो हंस बोला बिल्कुल नहीं मैं एक परसेंट भी खुश नहीं हूं। तुम संत महात्मा ने पूछा तुम्हारे हिसाब से किसका जीवन अच्छा है तो हंस ने पलट कर जवाब दिया मोर, क्या गजब का डांस करता है वह , जब वह नाचता है तो बारिश आती है काली घटा बरसने लगती है लोग उसकी अच्छी-अच्छी तस्वीरें निकालते हैं, राष्ट्रीय पक्षी के नाम से जाना जाता है मोर।
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तो महात्मा जी ने बोला कि चलो तीनों मिलकर एक बार मोर से मिलकर आते हैं तीनों गए मोर के पास, मोर को बोले मोर भाई , अरे क्या अच्छा जीवन जीता है रे तू राष्ट्रीय पक्षी के नाम से जाना जाता है और जब तुम नाचता है तो काली घटा बरसने लगती है तेरे नाच के आगे , अरे भाई क्या अच्छा जीवन जीता है रे तू तेरी जिंदगी तो सबसे अच्छी जिंदगी है , तोमर ने पलट कर जवाब दिया क्या घंटा अच्छी है , तुम बोले क्या तू तेरे जीवन से खुश नहीं ।
तो मोर बोला बिल्कुल भी नहीं , तुम बोले क्या कारण है कि तू तेरी जिंदगी से खुश नहीं है , तो मोर बोला सभी लोग बातें करना बंद कीजिए और सिर्फ एक ध्यान लगाए आवाज को सुनिए , जब सभी लोग चुप हो जाते हैं तो एक साइड से आवाज आना शुरू हो जाती है कट कट कट कट कट कट ........कट (1008)। तो महात्मा ने पूछा यह क्या है भाई , तो मोर बोला शिकारी या हंटर । यह कभी भी मेरे पास आ सकता है और बंदूक की गोली से मुझे उड़ा सकता है जब चाहे तब मेरा मास निकाल कर ले जा सकता है और जहां चाहे उस मार्केट में बैठ सकता है और जो व्यापारी चाहे वह खरीद सकता है और जो इंसान चाहे वह मरे मास को खा सकता है , बताओ मेरी अगले पल की कोई गारंटी नहीं है तो मैं अपने जीवन से खुश कैसे रहूं , तो महात्मा जी ने पूछा और भैया तुम बताओ तुम्हारे हिसाब से सबसे बढ़िया जिंदगी कौन जीता है , तो मोर ने पलट कर जवाब दिया तोता (मिट्ठू, पैरेट)।
फिर से वही बात संत महात्मा ने बोली कि चलो एक बार तोते से मिलकर आना पड़ेगा कि क्या वह जीवन में सुखी है या दुखी है सभी लोग भागे भागे उस तोते को ढूंढते हुए गए एक बगीचे के अंदर ,उस बगीचे के चार चक्कर लगा दिए लेकिन कोई तोता नहीं दिखाई दिया । जिसका सबसे बड़ा कारण था कि तोते का रंग भी हरा था और उस बगीचे का रंग भी हरा था ,बहुत कोशिश और बहुत ढूंढने के बाद एक तोता एक पेड़ के ऊपर बैठा था और वह पेड़ था अमरूद का। जैसे ही तोता दिखा की सभी चिल्ला उठे मिट्ठू मियां , अरे क्या जीवन जीते हो तुम ,क्या मस्त कलर है तुम्हारा, हरा कलर । क्या मस्त तुम्हें लोग कर के अंदर रखते हैं तुम्हें लोग बोलना सिखाते हैं, न जाने क्या क्या खिलाते हैं, पिलाते हैं। बादाम तक लोग तुम्हें खिला देते हैं । तुम्हारी जिंदगी सबसे अच्छी जिंदगी है और तुम ही अपने जीवन में सबसे सुखी प्राणी हो ।
तो तोता बोलता है क्या खाक अच्छी जिंदगी है ।
तो संत ने पूछा कि तुम तुम्हारे जीवन से खुश क्यों नहीं हो,
तो तोता बोला कि सबसे मुख्य कारण जो था वह आपको पहले ही पता चल गया है कि आप जब यहां मुझे ढूंढते हुए आए तो 1 घंटे तक आपने इस बगीचे के चार चक्कर लगाए फिर जाके में मिला , हरे हरे में हरा मिल जाता है कुछ पता ही नहीं चलता है , लोग मुझे घर के अंदर पिंजरे में बंद करके रखते हैं मुझे दाना पानी वही मिलता है मैं मेरे पंखों से आजाद खुले आसमान में उड़ नहीं सकता हूं ।
तो तोते से पूछा कि अगर तुम तुम्हारी जिंदगी से खुश नहीं हो तुम बताओ कि हममें से सबसे सुखी प्राणी कौन है ।
तो तोता बोला कौवे से , की कौवा तू सबसे सुखी प्राणि है।
तो कौवा बोला भाई मैं मेरी कहानी सबसे पहले सुना चुका हूं तू नया आया है तू नहीं जानता मुझे क्या क्या तकलीफ है । तुम तोता बोला कि कौवे सुन ध्यान से , क्या तुमने कभी मटन बिरयानी सुनी है , कौवा बोला हा सुनी है । क्या तुमने कभी चिकन बिरयानी सुनी है , कौवा बोला हां सुनी है । क्या तुमने कभी मोर बिरयानी सुनी है , बोले हो सुनी है । और जब लास्ट में मिट्ठू पूछता है कि क्या तुम्हें कभी सुनी है या देखी है कि कौवा बिरयानी ,तो क्या बोलता है हुजूर कभी नहीं सुनी ।
इस पर तोता तब बोलता है सबसे अच्छा जीवन तेरा ही है ।।
इस प्रकार सर सुनिए ध्यान से मेरी बात इस कहानी का निष्कर्ष यही निकलता है कि आप जो भी हैं, आप जैसे भी हैं, सर्वश्रेष्ठ हैं । इस संसार के अंदर आपकी उंगली का फिंगरप्रिंट किसी से मैच नहीं होता है अर्थात आप ही यूनिक है आपके अंदर एक न एक चीज ऐसी है जो कोई दूसरा नहीं कर सकता है ।बस कमी है तो उसी स्किल की जो आप अपने अंदर के मोटिव को नहीं पहचान पा रहे हो। तो दोस्तों कभी भी अपने आप की तुलना किसी दूसरे से ना करना , और हमेशा सीखते रहना और आगे बढ़ते रहना ।
THANKS FOR BEING WITH US
KLMD MOTIVATION

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